आदेश के दवाब पर ही सही आखिर सच्चाई तो उपायुक्त पाकुड़ के सामने आ ही गई


सतनाम सिंह, पाकुड़ । उपायुक्त पाकुड़ के नेतृत्व में एसपी पाकुड़, जिला खनन टास्क फोर्स, एसडीपीओ महेशपुर, अंचल अधिकारी महेशपुर, रद्दीपुर पुलिस प्रभारी ने पूरे लाव लश्कर के साथ रद्दीपुर खनन क्षेत्र एवं सुंदर पहाड़ी क्षेत्र का दौरा किया गया। 

उपायुक्त पाकुड़ को खुद कमान संभालनी पड़ी। निरक्षण के क्रम में उपायुक्त पाकुड़ और एसपी पाकुड़ एवं उपस्थित पदाधिकारियों ने कई अवैध खनन एवं अवैध क्रशर मशीन को चिन्हित किया गया है और उन पर कार्रवाई भी की गई। कई क्रेशर मशीन को जमींदोंज भी किया गया। 

ये वही क्षेत्र है, जहां पाकुड़ जिले में सबसे जायदा अवैध खनन एवं अवैध क्रशर मशीन संचालित होते हैं और ऐसा नहीं है कि खनन विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। खनन विभाग सब कुछ जानते हुए भी अब तक आंखें बंद की हुई थी क्योंकि मामला विभाग के लाभ का था। 

उपायुक्त पाकुड़ ने जिले के सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है की अपने-अपने प्रखंड के खनन क्षेत्र की जांच करें वैध और अवैध की रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त पाकुड़ को प्रेषित करें। अभी तक जिला खनन पदाधिकारी कहते आए हैं कि हमने अवैध खनन पर रोक लगाई है और हम लगातार इसकी मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। अंचल अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा की पाकुड़ में कितने अवैध खनन और क्रशर मशीन चल रहे थे। क्योंकि खनन विभाग का मधुर सम्बन्ध हमेशा से अवैध खनन करने वालों के साथ रहा है। 

पाकुड़ खनन विभाग ने अप्रैल 2021 से माइनिंग चालान को लेकर काफी अनियमितता बरती गई है। विभाग द्वारा कुछ खास लेसी को लाभ देने के लिए बोल्डर फॉर सेल चालान को निर्गत किया गया था जो ₹374 के हिसाब से किया गया है। जबकि नियमानुसार 708 रुपए की दर से ही निर्गत करना था। 

आखिर इतनी मेहरबानी क्यों कुछ खास लेसी लिए और उधर कुछ लेसी के लिए अलग नियम विभाग से ही है ऐसा क्यों और या खेल निरंतर ही चलता रहा। मार्च 2022 के बाद पाकुड़ जिले में बहुत सारे खदान की लीज की अवधि खत्म हो गई है। सरकार के द्वारा रेनवल या एक्सटेंशन ना देना यह भी एक दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। 

क्योंकि पाकुड़ पत्थर उद्योग पाकुड़ के लिए एक रीड़ की हड्डी है, लाखों लोगों को रोजगार देती है। एक्सटेंशन ना देना जिसके चलते बहुत सारे खदान वैद्य से अवैध हो गए यह विभाग की जानकारी में भी है। इस मामले में पाकुड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी सरकार से बात करनी चाहिए। क्योंकि पाकुड़ एक खनन क्षेत्र है और पाकुड़ से सरकार को काफी राजस्व की प्राप्ति होती है।  इस मामले में सरकार को भी गंभीर होना होगा। 

टिप्पणियाँ

  1. M challan crusher per milta hi nahi gari Wale ko on spot crusher pe hi challan milna chahiye lekin kuch to chor hai baki mil jate hai

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